“श्री” — पावन अर्थ
“श्री” शब्द के इस छोटे से रूप के अनेकानेक अर्थ हैं |
अधिकांशतः मन्त्रों के उच्चारण में इस पवित्र शब्द का प्रयोग किया जाता है |
“श्री” का शब्दिक अर्थ है ‘समृद्धि’
- समृद्धि हो – उत्तम विचारों की, भावों की, किसी कार्य की, उत्तमता की I
- समृद्धि हो – बुद्धिमत्ता की, कुशलता की, समझदारी व आत्मविश्वास की I
- समृद्धि हो – ऐसे चिंतन की जो आपके अन्दर एक अनोखी ज्योति प्रज्वलित कर सके, जिससे आपका ह्रदय सच्चे ज्ञान से प्रकाशित हो और आप अपने जीवन को सार्थक बना सकें I



